बुधवार, 21 अगस्त 2024

मां

जो खुद से ज्यादा अपने बच्चे को प्यार करें, वो मां 
जो बच्चे के लिए खुद को बदल दे, वो मां
जो बच्चे की एक मुस्कान के लिए
दुनिया से लड़ जाए, वो मां।

जो हर पल बच्चे के साथ रहे, वो मां,
जो दिन रात भूलकर
बच्चे के लिए जिए, वो मां।

जो बच्चे के लिए अपना सर्वस्व त्याग दे, वो मां
जो अपने जीने की वजह, बच्चे में ढूंढे वो मां
जो बच्चे के लिए, हर ग़म सह ले, वो मां
जो बच्चे को अपना भविष्य बना ले, वो मां।

जो उसके होने पर ही, खुद को 
पूरा समझे, वो मां
जो बच्चे के बीमार होने पर
सब कुछ भूल जाए, वो मां।


जो जरूरत पड़ने पर, उसके लिए पिता 
भी बन जाए, वो मां
जो उसके लिए, बंजर हुआ रिश्ता भी 
निभा जाए, वो मां।

पुस्तक समीक्षा - कोरे कागज

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