इसमें स्टीफन ज्विंग की 5 प्रसिद्ध कहानियों को सम्मिलित किया गया है - एक स्त्री की जिंदगी के चौबीस घंटे, किताबी कीड़ा, गवर्नेस, फंदा और लेपोरेला ।
स्टीफन ज्विंग को मौलिक कथाकृतियों के साथ-साथ जीवनी लेखन के रूप में भी अपार ख्याति मिली है। उन्होंने अपनी रचनाओं में मानव जीवन का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण किया है। उनकी कहानियां अपने आप में बेजोड़ है। जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है, एक चित्र हमारे सामने उपस्थित हो जाता है। स्टीफन की लेखनी में चित्रण की अद्भुत विशेषता है।
उनकी कहानियां लंबी होने के बावजूद पाठकों हेतु रोचकता बनाए रखती है । उनके लेखन में एकोन्माद, अशांत चित्त एवं उत्पीड़ित मन:स्थिति प्रकट होती है, शायद यही आंतरिक उद्वेलनता बाद में उनके आत्महत्या (पत्नी सहित) का कारण भी हो सकता है।
*एक स्त्री के जीवन के चौबीस घंटे* में जुए में डूबा युवा व्यक्ति अत्यधिक उन्माद से ग्रस्त है और इस कहानी में मनुष्य के अंतर्मन का हृदयस्पर्शी चित्रण हुआ है। इसमें दर्शाया गया है कि अतीत की एक छोटी सी घटना मनुष्य के संपूर्ण अस्तित्व को बदलकर उसे जीवन भर की यातना देने का सबब बन जाती है।
*किताबी कीड़ा* कहानी में किताबों में डूबे रहने वाले एक बूढ़े यहूदी की मार्मिक कथा है जिसमें बूढ़े यहूदी की अद्भुत स्मरण शक्ति का चित्रण है। यह कहानी किसी निर्दोष व्यक्ति के जीवन की पीड़ा को उजागर करती है जो नियति के प्रहार को मानकर जीने के लिए विवश हो जाता है किंतु जीवन के अंतिम क्षण में अपने किताबों के स्थान पर पहुंचकर ही मृत्यु को प्राप्त करता है।
*गवर्नेस* कहानी दो किशोर लड़कियों की मासूमियत का चित्रांकन है जिसमें वो अपनी गवर्नेस के जाने की वास्तविकता को समझना चाहती है जिसके लिए वो अभी काफी छोटी है।
*फंदा* कहानी में एक युवती को प्रेम का आभास कराने वाले बूढ़े व्यक्ति की भावनाओं को अत्यंत खूबसूरती से पिरोया गया है जो कहानी कला की एक अनूठा उदाहरण है।
*लेपोरैला* कहानी में एक नौकरानी की मालिक के प्रति असीम स्वामीभक्ति एवं तत्कालीन समाज की खोखली नैतिकता, मध्यवर्गीय मानसिकता और कुलीन एवं निम्न स्तर के मध्य विवाहेत्तर संबंधों का प्रत्यक्ष चित्रण किया गया है।
सार रूप में स्टीफन ज्विंग की कहानियां यथार्थ जीवन के उतार-चढ़ाव से युक्त है जो पाठकों को अनायास ही अपनी ओर आकृष्ट कर लेती है।
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