बीते हुए लम्हें फिर से जीने का मन हुआ।
देखकर तेरा मासूम सा चेहरा
फिर हंसने का मन हुआ,
मां के आंचल में फिर से
बहुत रोने का मन हुआ।
है तू मेरी हर सांस का सरगम
इसे फिर से गुनगुनाने का मन हुआ,
कर दिया तूने मुझे पूरा
ये तूझे बताने का मन हुआ।
आज बहुत दिनों बाद
बचपन फिर से जीने का मन हुआ।
कुछ तो रहमत थी उस खुदा की
जो तुझे मेरे पास भेजा,
जीवन की हर ख्वाईश को
तूझे देने का मन हुआ।
तेरे प्यारे से स्पर्श को
हर पल छूने का दिल हुआ,
तुझमें अपनी एक अलग
दुनिया बसाने का मन हुआ।
आज फिर एक अरसे बाद
कुछ कहने का मन हुआ।
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