रविवार, 9 फ़रवरी 2020

यूं ही .... कुछ

इन पहरों पे ही तो जवाँ होता है इश्क का पारवां
वरना मोहबत निभाने का जूनुन रुखसत सा हो गया है।

खुद में दबाकर दाग
जगमगाता है ये चाँद
इसी हिम्मत के कारण बना ये
खूबसूरती का बेहतरीन नाम।


मांगने से कहा मिलती है सौगाते
ये तो वक्त सीखा देता है या कर्म|

सुना है सभी आशिक होश में नहीं रहते
हर वक्त बस याद में उसकी जागते रहते है|
कहते है नींद नहीं आती तेरे बिन
और रात के आने से डरते है।

वक्त बेवक्त कभी भी जाती है तुम्हारी याद,
और तुम 
कभी नहीं आते।

हसरते थमती नहीं हमारी
ख्वाबों में ही सही 
तुम्हारा
दीदार करते रहते है|

सपनों को हवा दी है 
आज हमने
कल तुम मेरे ही होंगे
इस यकीं के साथ।

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