मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

मर्दानी 2 - फ़िल्म

एक महिला के अदम्य साहस और तीक्ष्ण बुद्धि पर आधारित मूवी मर्दानी 2

कुछ असामाजिक तत्व (मेरे अनुसार ये मानसिक विक्षिप्त भी होते है) जो हर हाल में खुद को दूसरों से बेहतर मानते है। इनकी बुद्धि तो बहुत तीव्र होती है पर हमेशा दूसरों का बुरा करने में चलती है और सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि ये महिलाओं को खुद से आगे देखना तो बहुत दूर की बात है वरन खुद के बराबर भी बर्दाश्त नहीं कर सकते है।

अगर यही असामाजिक तत्व देश के हित में सोचे तो देश की बेहतरी में अपना अमूल्य योगदान दे सकते है। पर यही तो देश की विडंबना है कि हम चाहकर भी उनकी सोच को परिवर्तित नहीं कर सकते है।

दूसरी तरफ एक महिला की बहादुरी है जो ऐसे शातिर असामाजिक तत्वों से लड़ना भी जानती है और निपटना भी। उसके हर वार में छिपे मनसूबे को ढूंढते ढूंढते अंत में वो जान ही लेती है कि बचपन से ही छिप्त मानसिकता के चलते वह अपने पिता के हाथों अपनी मां को मरवा चुका है।

आज भी समाज का एक बड़ा हिस्सा है जो शादी तो जॉब वाली लड़की से करना चाहता है पर रुतबा या वेतन अगर उसका ज्यादा है तो उसे बर्दाश नहीं कर सकता । ऐसे लोगों की मानसिकता को हम चाहकर भी नहीं बदल सकते है। 

मर्दानी 2 एक महिला के देश के प्रति सत्यनिष्ठता, कार्य के प्रति जूनून और साहस की अद्भुत कहानी है।

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