इन लम्हों की नजाकत,
हर घड़ी इन्हें संजोने के लिए
खुद को खोते ही रहे हम
तुझे पाने के लिए...
आरजू नहीं किसी अपने का दिल दुखाने की
मेरी तो चाहत बस अपनों के मुस्कुराने की,
खफा ना होना हमसे कभी अनजाने में भी
बेवफा बन हमें ना भूल जाना कभी।
अमृता प्रीतम द्वारा लिखित “कोरे कागज” उपन्यास व्यक्ति के अंतर्गत की उथल-पुथल एवं स्वयं के होने की सच्चाई जानने की इच्छा पर आधारित है | उ...
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