रविवार, 9 मई 2021

मातृत्व दिवस 2021

                               मातृत्व दिवस 2021

जब कोई जीव धरती पर जन्म लेने वाला होता है तो प्रथम कड़ी के रूप में उसे माँ की कोख ही प्राप्त होती है जो जीव के दुनिया में आगमन से पूर्व उसे पूरी तरह से योग्य बनाती है | दुनिया में आगमन के पश्चात भी माँ की ही गोद होती है जो उसे सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ अपने प्यार एवं त्याग की पूरी बारिश उस नन्हें से प्राणी पर कर देती है |

माँ – यह मात्र एक संबंध ही नहीं है, इसमें अथाह प्यार, समर्पण, त्याग और ममता भरी होती है | तभी कहा भी गया है कि “एक पुत्र कुपुत्र हो सकता है, परंतु एक माता कभी कुमाता नहीं हो सकती” | माँ के स्नेह से सराबोर बच्चा कब बड़ा हो जाता है शायद उसे खुद भी पता ही नहीं लगता |

माँ की जिंदगी हमेशा अपने बच्चों के आस-पास ही घूमती रहती है | माँ के जीवन का हर क्षण बच्चों के लिए होता है | बच्चों के जन्म, शिक्षा, नौकरी, विवाह आदि में ही माँ का जीवन चलता रहता है | क्या कोई भी संतान माँ के प्यार, समर्पण और त्याग का ऋण चुका सकती है?

यही संतान बड़ा होने पर माँ के प्यार को भूल जाती है | माँ की गोद से जो बच्चा उतरने का नाम नहीं लेता था अब उसके पास माँ के पास बैठने या फोन करने का समय नहीं होता है | अब उसे माँ का रहन-सहन पुराना नजर आता है। 

जीवन में माँ आपके होने का पहला कारण है अतः माँ को हमेशा अपने जीवन में भी प्रथम स्थान पर रखना।

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