आत्मविश्वास से वह एक बहुत बड़ी मछली जो लगभग 11 फुट लंबी है, उसे पकड़ने में कामयाब हो जाता है। लेकिन भाग्य उसके विपरित होता है और नाव से बंधी उसकी बड़ी मछली को बारी बारी से शार्क हमला करती है यद्यपि बूढ़ा व्यक्ति सभी शार्क को मार या घायल कर देता है किंतु अपनी बड़ी मछली को बचा नहीं पाता है।
यद्यपि उसकी सारी मेहनत व्यर्थ हो चुकी थी किंतु उसे अपने पर पूर्ण विश्वास है और एक नई सुबह के साथ वह फिर से मछली पकड़ने को तैयार होने का मन बना लेता है।
यकीनन उस बूढ़े व्यक्ति का आत्मविश्वास और साहस उम्र से काफी ज्यादा होता है और यही साहस हमेशा हमें अंत तक हारने नहीं देता। *कोई भी व्यक्ति तब असफल नहीं होता जब वह हार जाता है वह तब असफल होता है जब वह फिर जीतने की कोशिश नहीं करता*।
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