मेरी मंजिल तक जाना है,
बहुत लंबे है रास्ते पर
हर हाल में चलते जाना है।
मुश्किल नहीं है राहें यकीनन
मेरा साहस डगमगाता है,
बीच राह में रुक रुककर
ना पाने का डर सताता है।
अमृता प्रीतम द्वारा लिखित “कोरे कागज” उपन्यास व्यक्ति के अंतर्गत की उथल-पुथल एवं स्वयं के होने की सच्चाई जानने की इच्छा पर आधारित है | उ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें