आदतें शुमार ना कर
जिंदगी में,
हर वक्त कोई
एक सा नहीं रहता।
कहकर खास कोई जीवन में
हमेशा साथ नहीं रहता,
गजब का अहसास है ये
कि दिल कहकर अपना,
खुद उसी में नहीं रहता।
अमृता प्रीतम द्वारा लिखित “कोरे कागज” उपन्यास व्यक्ति के अंतर्गत की उथल-पुथल एवं स्वयं के होने की सच्चाई जानने की इच्छा पर आधारित है | उ...
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